आचार्य
कुछ इस पार की बातें...
आपका स्वागत है..इस पार की बातों के बीच...ना बड़ी ना छोटी,ना सच्ची ना झूठी,...आपकी और हमारी बातें..बस कुछ इस पार की बातें...
अभी अभी ......
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Friday, June 25, 2010
अगर वो शराब होती
मैं तोड़ लेता अगर वो गुलाब होती,
मैं देख लेता अगर वो ख्बाब होती ...
सब जानते हैं मैं नशा नहीं करता..
मगर फिर भी पी लेता अगर वो शराब होती
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